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Manoj Muntashir Poem on maa

. Manoj Muntashir Poem on Maa... मनोज मुंतशिर कविता माँ Manoj Muntashir Shayri ऐसा नहीं कि मां को बनाकर खुदा ने जश्न मनाया, बल्कि सच तो यह है कि वह बहुत पछताया......, कब उसका एक एक जादू किसी और ने चुरा लिया, वह जान भी नहीं पाया......, खुदा का काम था मोहब्बत, वह मां करने लगी, खुदा का काम था हिफाजत, वह मां करने लगी, खुदा का काम था बरकत, वह भी मां करने लगी, देखते ही देखते उसकी आंखों के सामने कोई और परवरदिगार हो गया....... वह बहुत मायूस हुआ बहुत पछताया, क्योंकि मां को बनाकर खुदा बेरोजगार हो गया। ये मेरी मनोज सर की मां पर लिखी कविता बहुत अच्छी लगती है। मै तो उनका बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं और अभी भी हूं, उनके लिखे गने हो नजम हो या उनकी बुक मेरी फितरत है मस्ताना सब मैने पढ़े है हालाकि शेरो शायरी उनिके YouTube चैनल पर सुनी है, उनका अंदाज़ ही कुछ अलग है।  Manoj muntashir on maa  Manoj muntashir poem on maa

Short poem on Indian Army Soldier in Hindi

. Liptkar tirange Mai jaunga Ghus kar Tere Ghar main Marunga,  Das das ko ek sath Marunga, Khun ki  aakhri bund Tak ladunga,  War pith par nhi karunga, Goli sene pe khaunga,  Liptkar tirange Mai jaunga, Hokar Shahid gav ko lotunga.... Tab Tak Aakhe bhi nhi mitenge, Jab Tak na Dekh lu lehrate tirange ko... Tab Tak Jaan ko thamb kar rakhenge, Yamraj ko bhi rok kar rakhenge, Sunkar jaygosh ke nare, Sukun se jaan ko chhodunga, Liptkar tirange Mai jaunga, Hokar Shahid gav ko lotunga..... लिपटकर तिरंगे में जाऊंगा घूस कर तेरे घर मैं मारूंगा, दस दस को एक साथ मारूंगा, खून की आखरी बूंद तक लड़ूंगा, वार पीठ पर नहीं करूंगा गोली सिने पे ही खाऊंगा,  लिपटकर तिरंगे में जाऊंगा, होकर शहीद गांव को लौटूंगा...... तब तक आंखे भी नहीं मिटेंगी,  जब तक ना देख ले लहराते तिरंगे को.... तब तक जान थांब कर रखेंगे,  यमराज को भी रोक कर रखेंगे, सुनकर जयघोष के नारे,  सुकून से जान को छोड़ूंगा, लिपटकर तिरंगे में जाऊंगा, होकर शहीद गांव को लौटूंगा......       ...

Irshad Kamil Poetry Shayari Nazams and Filmy Songs

Irshad Kamil Poetry Shayari Nazams and Songs Irshad Kamil is an Indian poet and lyricist. He has written books of his Poetry and Nazams. Irshad Kamil poetry is one of the best poetry. Born On - 5th Sep 1971   Malerkotla from Punjab  You see, Irshad Kamil songs in Bollywood films - Aashiqui 2 Love Aaj Kal Love Aaj Kal 2 Rockstar Tamasha Raanjhanaa Jab Harry Met Sejal Highway Jab We Met Once Upon In Mumbai Ajab Prem Ki Gajab Kahani And many more films  Irshad Kamil Poetry and Shayari Khayalon ka shehar… Tu jaane tere hone se hi aabaad hai Hawayein haq mein… Wohi hai aate jaate jo tera naam le - Irshad Kamil Poetry         Hawayein Milke bhi, hum na mile,  Tum se na jaane kyun.  Meelon ke, hai faasle,  Tum se na jaane kyun - Irshad Kamil Poetry         AGPK Mausam Ke Azaad Parindey, Haathon Mein Hai Uske Ya Woh Bahaaron Si Hai...

Marathi Kavita blog Marathi Kavita on DJ

. कोणत बी गान वाजुदे आता... डी जे वाला हाय आज फुल टू जोमात पोरं बी सारी नाचत्यात फुल टू जोरात... कोणत बी गान वाजुदे आता, टाकून आलाय थोडी ह्यो आता..... डीजे वाजतोय माग ह्याच्या, बग ह्यो नचतोय कस बी आता...... आलाय ह्यो आता कापड पांढरी घालून, वडत्यात ह्याला आता सारी हाताला धरून, ईकड तिकड बगून ह्यो.....   नाचतोय फक्त हाथ वर करून...... डिजे वाला वाजीवतोय गाणी लय भारी, नागीण डान्स करत्यात पोरं बी सारी, गान वाजत रहुंदे आता....  मामा बी नाचायलाय फुल टू भारी.....

Biography of Javed sahab and his famous Shayari

Biography of Javed Akhtar sahab and his famous Shayari Biography of Javed Akhar ji Gwalior 17 Jan 1945   Javed Akhtar is an Indian poet, lyricist, and screenwriter. He is one of the most successful scriptwriters of Bollywood. Some of his most successful works were in the late 1970s and 1980s as a script Writter. He is a recipient of the Padma Bhushan Padma Shri, the Sahitya Akademi Award as well as five National Film Awards.     Most popular Hindi Shayari of Javed Akhtar sahab Javed  Akhtar Shayari on Love  खुला  है दर प तिरा इंतिज़ार जाता रहा ख़ु लूस तो है मगर ए’तिबार जाता रहा दुख के जंगल में फिरते हैं कब से मारे मारे लोग जो होता है सह लेते हैं कैसे हैं बेचारे लोग अगर पलक पे है मोती तो ये नहीं काफ़ी हुनर भी चाहिए अल्फ़ाज़ में पिरोने का Javed Akhtar Hindi  Shayari  एक ये दिन जब अपनों ने भी हम से नाता तोड़ लिया एक वो दिन जब पेड़ की शाख़ें बोझ हमारा सहती थीं तुम ये कहते हो कि मैं ग़ैर हूँ फिर भी शायद ...

Motivational hindi poem Motivational poem Ummed Poetry

. उम्मीद हमे कहा कुछ खबर हैं, आगे क्या होगा, जो होगा जैसा भी होगा, कोशिशो से हमारे होगा, हम तो रात के अंधेरो मैं चांद की परछाई धुंडणे नीकले है कोशिशो से अपनी तकदिर लिखने निकलें हैं.. मुसीबतों से डरना कहा हसकर मिलना है, जीने का क्या जी तो ऐसे भी जी रहे है, हमें तो करोड़ों तारो में से सिर्फ़ एक तारा लाना है, कदम से कदम मिलाकर आसमा के साथ चलना है... हमने सुना है उम्मीद पर दुनिया कायम हैं, पत्थर दिल की दुनिया में दिल ढूंढना हैं , हवा को बस मैं नहीं पर मोड़ सकते है, खुशबू थोड़ी सी उसमे घोल सकते है.... जिन्दगी छोटी सी है जी कर बितानी है, उम्मीद हम खुद से ही लगाए रखें हैं, यहां पाप करकर गंगा में धोने की बात करते है, ओर ये जन्नत छोड़कर जन्नत जाने की सोचते है....                                     - अक्षय कदम

Kerala's Silent Valley Forest, Kerala pregnant elephant

. इंसानियत की तलाश इतनी भूक तो वो सेह लेती, पर बात उसके बच्चे की थी, छोड़ कर वो घर निकली, ढूंडने खाना इंसान की गली, भरोसा उसको बहुत ही था, जो दिया वो खा लिया.......... दर्द कितना हुआ होगा उसे, नहीं जताया कुछ भी उसने, ताकत तो इतनी थी की, चाहे तो पूरा तेहस नेहस करती, पर वो कुछ कम पढ़ी थी, इन्सान कुछ ज्यादा ही पढ़े है..... तलाश में पानी के निकल पड़ी, खड़ी हो गई पानी के बीच में, दर्द का कहा वो सोच रही थी, दिल और दिमाग में बस बच्चे की बात थी..... हा वो इंसान ही थे उसे बचाने गए थे, पर अब भरोसा उसे अपनों पर भी नहीं था, शर्म अब इंसान को कहा है आती, सर उसने खुद ही पानी में छिपा लिया था.... शायद बच्चे के खातिर वो खड़ी होगी, हा वो भी तो एक मा ही थी, दर्द तो पूरा सेह लेती, पर जान तो बच्चे में ही अटकी थी, किया है ये किसी इंसान ने ही, पर बदनाम आज पूरी इंसानियत हुई है.......!!!!                                              - अक्षय कदम